Every Scheme. Every Citizen. Every Benefit.
शिक्षा · केंद्रीय योजना

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members 2026 – पात्रता, लाभ और ऑनलाइन आवेदन

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members University Grants Commission की एक योजना है, जिसमें पात्र यूनिवर्सिटी और कॉलेज फैकल्टी मेंबर्स को रिसर्च के काम के लिए ₹10 लाख तक की राशि दी जाती है, जो 2 साल की अवधि में दी जाती है।
फैकल्टी / टीचर्स रिसर्च ग्रांट ₹10 लाख 2 साल की अवधि 200 स्लॉट अखिल भारतीय
₹10 लाख
कुल ग्रांट
2 साल
अवधि
200
स्लॉट / साल
≤ 50 साल
आयु सीमा
लेखक: · अपडेट किया गया: 15 जून 2026 · स्रोत: UGC आधिकारिक गाइडलाइंस

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members 2026 अवलोकन

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members — जिसे UGC Faculty Research Grant Scheme भी कहा जाता है — University Grants Commission (UGC) की Department of Higher Education के तहत चलने वाली एक योजना है। इसका मकसद यूनिवर्सिटी और कॉलेज में नियमित रूप से नियुक्त फैकल्टी मेंबर्स को अपने सब्जेक्ट एरिया में रिसर्च करने में सहयोग देना है।

इस UGC Research Funding Scheme की शुरुआत Teachers' Day, 5 सितंबर 2022 को, चार अन्य फैकल्टी फेलोशिप योजनाओं के साथ हुई थी। UGC Grant for College Teachers के तहत हर साल एक बार अखबारों, Employment News और आधिकारिक UGC वेबसाइट पर विज्ञापन देकर आवेदन मांगे जाते हैं। UGC Research Fellowship for Faculty सभी पात्र इन-सर्विस टीचर्स के लिए खुली है, और यह भारत के उच्च शिक्षा सिस्टम में रिसर्च को मजबूत करने की एक बड़ी पहल का हिस्सा है।

UGC Research Grant 2026 Last Date की जानकारी रखने वाले फैकल्टी मेंबर्स को frg.ugc.ac.in पर नजर रखनी चाहिए, जहां UGC हर साल नई नोटिफिकेशन और डेडलाइन अपडेट पब्लिश करता है।

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members लाभ और ग्रांट राशि

अवधि: 2 साल  |  कुल स्लॉट: हर साल 200 (या UGC जितना तय करे)

ग्रांट राशि

  • हर सिलेक्ट हुए फैकल्टी मेंबर को कुल ₹10,00,000 का ग्रांट।
  • इसे मिनर इक्विपमेंट, कंज्यूमेबल्स, कॉन्टिजेंसी, फील्डवर्क और डोमेस्टिक ट्रैवल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • राशि को इन हेड्स में कैसे बांटना है, यह फैसला रिसर्च की जरूरत के हिसाब से लेने वाला खुद तय करता है।
  • इंटरनेशनल ट्रैवल, फर्नीचर, या रिसर्च असिस्टेंट / प्रोजेक्ट फेलो रखने में इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता।
  • ग्रांट से खरीदा गया कोई भी इक्विपमेंट यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी बन जाता है।

ग्रांट जारी होने का शेड्यूल

यह राशि यूनिवर्सिटी को सीधे 3 किश्तों में जारी की जाती है:

1
50% — ₹5,00,000
जॉइनिंग रिपोर्ट (Annexure-I) मिलने पर जारी
2
25% — ₹2,50,000
पहली किश्त का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (Annexure-II) जमा करने पर जारी
3
25% — ₹2,50,000
दूसरी किश्त के क्लेम और यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करने के बाद रीइम्बर्समेंट के आधार पर जारी
पूरी ₹10 लाख की राशि पहली किश्त मिलने की तारीख से 2 साल के अंदर खर्च करनी होती है।

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members पात्रता शर्तें

नीचे दिए गए इंस्टीट्यूशन में नियमित और परमानेंट रूप से नियुक्त फैकल्टी मेंबर आवेदन कर सकते हैं:

  • UGC Act, 1956 की Section 2(f) के तहत यूनिवर्सिटी (एफिलिएटेड और कॉन्स्टीट्यूएंट कॉलेज सहित), जिनके पास वैलिड NAAC एक्रेडिटेशन हो।
  • UGC Act, 1956 की Section 3 के तहत डीम्ड यूनिवर्सिटी, जिनके पास वैलिड NAAC एक्रेडिटेशन हो।
  • केंद्र या राज्य सरकार से पूरी तरह फंडेड और डिग्री देने के लिए अधिकृत इंस्टीट्यूशन।
  • Institutions of National Importance।

इसके अलावा, आवेदक को नीचे दी गई सभी शर्तें पूरी करनी होंगी:

आयु सीमा
आवेदन की तारीख पर 50 साल या उससे कम
बाकी सर्विस
आवेदन की तारीख पर कम से कम 10 साल की सर्विस बाकी हो
PhD सुपरविजन
5 फुल-टाइम PhD कैंडिडेट्स को पूरा गाइड किया हो
रिसर्च प्रोजेक्ट्स
कम से कम 2 स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट (नेशनल या इंटरनेशनल) पूरे किए हों
एडहॉक, गेस्ट, विजिटिंग और कॉन्ट्रैक्चुअल फैकल्टी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members के लिए आवेदन कैसे करें

आवेदन सिर्फ ऑनलाइन frg.ugc.ac.in पर लिए जाते हैं। किसी भी स्टेज पर हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाती।

1

गाइडलाइंस पढ़ें

frg.ugc.ac.in पर जाएं। होमपेज पर UGC की 5 योजनाएं लिस्ट होती हैं। Research Grant for In-Service Faculty Members वाली योजना पर क्लिक करें और आगे बढ़ने से पहले गाइडलाइंस पूरी तरह पढ़ें।

2

नए यूजर के रूप में रजिस्टर करें

संबंधित योजना के नीचे "New User" पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन के लिए अपनी डिटेल्स भरें और एक एक्टिव ईमेल एड्रेस दें — आगे की सारी कम्युनिकेशन इसी पर होगी। रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर स्कैन करके तैयार रखें (JPG फॉर्मेट, हर एक 1 MB तक)। एक बार सबमिट होने के बाद रजिस्ट्रेशन डिटेल्स बदली नहीं जा सकतीं।

3

लॉगिन क्रेडेंशियल्स से लॉगिन करें

रजिस्ट्रेशन के बाद आपको रजिस्टर्ड ईमेल पर ugchelp@mail.inflibnet.ac.in से लॉगिन क्रेडेंशियल्स मिलेंगे। लॉगिन करें और पहली बार में अपना पासवर्ड बदल लें।

4

डैशबोर्ड पर एप्लिकेशन भरें

आपके डैशबोर्ड पर सारे सेक्शन लाल आइकन में दिखते हैं — हर सेक्शन सबमिट होने पर वह हरा हो जाता है। "Eligibility Criteria" पर क्लिक करें, शर्तें पढ़कर एक्सेप्ट करें, फिर "Apply Now" पर क्लिक करके Data Capturing Dashboard खोलें।

5

PG और PhD डिटेल्स भरें

अपनी पोस्टग्रेजुएट क्वालिफिकेशन की डिटेल्स भरें, फिर PhD की डिटेल्स। PhD सेक्शन के लिए जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और हर पार्ट अलग से सबमिट करें।

6

ऑटो-जेनरेटेड फॉर्म पर साइन कराकर अपलोड करें

सारे सेक्शन भरने के बाद स्क्रीन पर एक ऑटो-जेनरेटेड एप्लिकेशन फॉर्म दिखेगा। इसे प्रिंट करें, अपने Head of Department या Registrar से साइन कराएं, और फाइनल सबमिशन से पहले साइन की हुई कॉपी अपलोड करें।

7

डिक्लेरेशन सबमिट करें

डिक्लेरेशन ध्यान से पढ़ें। "I Agree" पर टिक करें और Submit पर क्लिक करें। अपने रिकॉर्ड के लिए भरी हुई एप्लिकेशन की एक कॉपी सेव कर लें।

सिलेक्शन प्रोसेस: UGC हर एप्लिकेशन कम से कम तीन सब्जेक्ट-एरिया रेफरी को भेजता है, जो रिसर्च प्रोपोजल, आवेदक की प्रोफेशनल स्थिति और होस्ट इंस्टीट्यूशन का मूल्यांकन करते हैं। रेफरी के स्कोर से मेरिट लिस्ट बनती है, रिजल्ट ugc.ac.in पर पब्लिश होते हैं, और सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स उसी पोर्टल से अपना अवॉर्ड लेटर डाउनलोड करते हैं।

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • 1पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और सिग्नेचर — JPG फॉर्मेट, हर एक 1 MB तक।
  • 2रिसर्च प्रोपोजल — 5 MB तक। प्रोपोजल का एब्सट्रैक्ट — 1 MB तक।
  • 3ऑटो-जेनरेटेड एप्लिकेशन फॉर्म, जिस पर Head of Department या Registrar का साइन हो — फाइनल सबमिशन से पहले अपलोड करें।
  • 4PhD पूरा होने के सर्टिफिकेट और गाइड किए गए कैंडिडेट्स का प्रूफ।
  • 5कम से कम 2 स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट के कंप्लीशन सर्टिफिकेट।
  • 6ग्रांट की अवधि पूरी होने के बाद, किए गए रिसर्च वर्क की फीडबैक रिपोर्ट वेब पोर्टल पर जमा करनी होती है। इंस्टीट्यूशन को भी पूरा होने पर रिसर्च वर्क और पब्लिश पेपर्स का सारांश जमा करना होता है।

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members समाप्ति की शर्तें

नीचे दी गई किसी भी बात में दोषी पाए जाने पर ग्रांट रद्द किया जा सकता है:

दुर्व्यवहार (Misconduct)
सिलेक्शन के बाद अपात्र पाया जाना
गलत या भ्रामक जानकारी देना
प्लेजरिज्म या अनैतिक रिसर्च प्रैक्टिस
कोई भी भ्रष्ट प्रैक्टिस
योजना के नियम-शर्तों का उल्लंघन
किसी भी रद्दीकरण से पहले, फैकल्टी मेंबर को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा।

UGC Research Grant for In-Service Faculty Members सामान्य प्रश्न

इस योजना का मकसद क्या है?
यूनिवर्सिटी और कॉलेज के नियमित रूप से नियुक्त फैकल्टी मेंबर्स को अपने सब्जेक्ट एरिया में रिसर्च करने के लिए सीधी फंडिंग देकर सहयोग करना।
इस ग्रांट की अवधि कितनी है?
2 साल, जो पहली किश्त जारी होने की तारीख से गिनी जाती है।
कितनी सीटें उपलब्ध हैं?
हर साल 200 स्लॉट, या जितना भी कमीशन तय करे।
इस योजना में कितना पैसा मिलता है?
कुल ₹10,00,000, जो यूनिवर्सिटी को 2 साल में 3 किश्तों (50% + 25% + 25%) में जारी होती है। इसे इक्विपमेंट, कंज्यूमेबल्स, फील्डवर्क और डोमेस्टिक ट्रैवल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
कौन आवेदन कर सकता है?
UGC-मान्य यूनिवर्सिटी, NAAC-एक्रेडिटेड कॉलेज, डीम्ड यूनिवर्सिटी, सरकार से फंडेड डिग्री देने वाले इंस्टीट्यूशन, या Institutions of National Importance में परमानेंट और नियमित रूप से नियुक्त फैकल्टी — जिनकी उम्र 50 साल या उससे कम है, जिनकी 10+ साल की सर्विस बाकी है, जिन्होंने 5 फुल-टाइम PhD स्कॉलर्स को गाइड किया है, और 2 स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट पूरे किए हैं।
कौन पात्र नहीं है?
50 साल से ज्यादा उम्र वाले फैकल्टी, एडहॉक, गेस्ट, विजिटिंग या कॉन्ट्रैक्चुअल नियुक्ति वाले, जिनकी सर्विस 10 साल से कम बाकी है, और जिन्होंने अभी तक 5 PhD स्कॉलर्स को गाइड नहीं किया है या 2 फंडेड प्रोजेक्ट पूरे नहीं किए हैं।
क्या आयु सीमा है?
हां। आवेदन की तारीख पर अधिकतम उम्र 50 साल है। आवेदक की कम से कम 10 साल की सर्विस भी बाकी होनी चाहिए।
क्या ग्रांट इंटरनेशनल ट्रैवल के लिए इस्तेमाल हो सकता है?
नहीं। इस ग्रांट में इंटरनेशनल ट्रैवल, फर्नीचर खरीदना, या रिसर्च असिस्टेंट / प्रोजेक्ट फेलो रखने की अनुमति नहीं है।
ग्रांट से खरीदे गए इक्विपमेंट का मालिक कौन होता है?
यूनिवर्सिटी — न कि वह व्यक्तिगत फैकल्टी मेंबर — इस ग्रांट से खरीदे गए सारे इक्विपमेंट की मालिक होती है।
UGC कैंडिडेट्स का सिलेक्शन कैसे करता है?
हर एप्लिकेशन कम से कम 3 सब्जेक्ट-एरिया रेफरी के पास रिव्यू के लिए जाती है, जो रिसर्च प्रोपोजल, आवेदक की एकेडमिक प्रोफाइल और होस्ट इंस्टीट्यूशन का मूल्यांकन करते हैं। उनके स्कोर से मेरिट लिस्ट बनाई जाती है। रिजल्ट ugc.ac.in पर पब्लिश होते हैं और सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स उसी पोर्टल से अपना अवॉर्ड लेटर डाउनलोड करते हैं — पूरी प्रोसेस पेपरलेस है।
क्या ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किया जाता है?
नहीं। आवेदन frg.ugc.ac.in पर ऑनलाइन ही सबमिट करना होता है। किसी भी स्टेज पर हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाती।
क्या इसमें कोई आवेदन फीस है?
नहीं। पूरी आवेदन प्रक्रिया फ्री है।
क्या पूरा एप्लिकेशन एक ही बार में भरना जरूरी है?
नहीं। एप्लिकेशन अलग-अलग सेक्शन में बंटी होती है — एलिजिबिलिटी, PG डिटेल्स, PhD डिटेल्स और डिक्लेरेशन — और प्रोग्रेस ऑटोमैटिक सेव होती रहती है। आप बाद में लॉगिन करके डेडलाइन से पहले पूरा कर सकते हैं।
फॉर्म में मैंडेटरी फील्ड कैसे पहचानें?
मैंडेटरी फील्ड्स के लेबल के आगे लाल स्टार (*) का निशान लगा होता है।
आवेदकों को कौन सी गलतियों से बचना चाहिए?
कुछ सामान्य गलतियां: PhD सुपरविजन और फंडेड प्रोजेक्ट की शर्तें वेरिफाई किए बिना आवेदन कर देना, कमजोर या अस्पष्ट रिसर्च प्रोपोजल देना, फोटो या सिग्नेचर गलत फॉर्मेट या साइज में अपलोड करना, ऑटो-जेनरेटेड फॉर्म पर HoD या Registrar का साइन न लेना, और रजिस्ट्रेशन के लिए आखिरी समय तक रुकना — क्योंकि सबमिशन के बाद रजिस्ट्रेशन डिटेल्स बदली नहीं जा सकतीं।

₹10 लाख की रिसर्च ग्रांट के लिए आवेदन करने को तैयार हैं?

आवेदन UGC के आधिकारिक पोर्टल पर साल में एक बार खुलते हैं — शुरू करने से पहले गाइडलाइंस जरूर पढ़ लें।

इस पेज पर दी गई जानकारी University Grants Commission (ugc.ac.in, frg.ugc.ac.in) और myscheme.gov.in पर पब्लिश आधिकारिक गाइडलाइंस पर आधारित है। योजना की शर्तें, डेडलाइन और ग्रांट राशि बदल सकती है — आवेदन करने से पहले आधिकारिक UGC पोर्टल पर ताजा जानकारी जरूर देख लें। JanLaabh.in UGC या किसी सरकारी संस्था से जुड़ा नहीं है।